नौकरियों के लिए बढ़ती जद्दोजहद के बीच पिछ्ले आठ सालों में केवल 7.22 lakh Central Government jobs

The aspirants are going through very tough competition in getting Central Government jobs as less than one percent of them are securing jobs. (Representational Image, courtesy: Creative commons)

The aspirants are going through very tough competition in getting Central Government jobs as less than one percent of them are securing jobs. (Representational Image, courtesy: Creative commons)

जहाँ एक तरफ सरकारी नौकरियों के लिए मारामारी बढ़ रही है वहीं केंद्र सरकार में नौकरी (Central Government Jobs) पाने वालों की संख्या में 2014-15 के बाद से लगातार कमी आई है। इसमें 2019-20 का एक साल अपवाद रहा जब नौकरी पाने वालों की संख्या बढ़ी , इस  बात का खुलासा लोकसभा में सरकार द्वारा दिए गए एक उत्तर से हुआ।

अंग्रेज़ी अख़बार दी इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न का लिखित उत्तर देते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने बताया कि 2014-15 से 2021-22 के बीच Central Government jobs के लिए प्राप्त कुल 22.05 करोड़ आवेदनों के विरुद्ध केवल 7. 22 लाख लोगों की नियुक्तियां हो पायीं, जो की आवेदन की तुलना में केवल 0.33%.

Screen grab of the total number of applicant of Central Government jobs and the number of successful applicant in last eight years. ( Source: The Indian Express)

जितेन्द्र सिंह ने बेरोजगारी की स्थिति से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न Initiative से भी लोकसभा को अवगत कराया।

काँग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार को घेरते हुए कहा, “22 करोड़ युवा, 8 सालों में सरकारी नौकरियों के लिए कतार में लगे, नौकरी मिली 7.22 लाख को, यानी 1000 में से सिर्फ़ 3 को।”

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना ज़ोरदार कटाक्ष करते हुए कहा “बेरोज़गारी पर सवाल पूछने पर राजा को गुस्सा आता है। सच तो ये है- रोज़गार देना इनके बस की बात नहीं।”

राहुल गांधी ने कहा की युवा देश का ‘Asset’ हैं, भाजपा उन्हें ‘Liability’ दिखा रही है।

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